हिंदी : (व्याकरण)- ई और उ की मात्रा

मात्रा  न केवल स्वर  वर्ण का अन्य एक रूप है बल्कि यह व्यंजन वर्ण के साथ मिलकर हमारे  अंतर मन के भाव को शब्द तथा वाक्य के जरिए प्रकट करने का एक मनोहर माध्यम है।

हमारे  कक्षा २  के  विद्यार्थियों  ने ( ई और उ की मात्रा )  के  विषय  पर   आकर्षक  गतिविधियां  किए। बच्चों ने वर्णों  के साथ मात्रा को  जोड़ते  हुए  भिन्न-भिन्न कागजों  के  टुकड़ों पर नए  नए शब्दों को सुंदर से लिखे  तथा  उन्हें  सजाकर गोंद में चिपका कर  दीवार पे  लटकाने वाली  तथा चिपकाने वाली  आकर्षक  वस्तुएं बनाए हैं ।इस गतिविधि  के  माध्यम  से  बच्चों  में   कुछ  नया  चीज  बनाने  का  उत्साह  तो  बढ़ा  ही  है साथ में  मात्रा के  प्रयोग जानकारी भी हासिल किया है।

हिंदी : (व्याकरण)- ई और उ की मात्रा

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